Paper Title मोहन राकेश के साहित्य में नारीवाद
Author(s)
Country India
Abstract शोध-सार
मोहन राकेश हिंदी साहित्य के उन रचनाकारों में से हैं जिन्होंने नई कहानी आंदोलन और आधुनिक हिंदी नाटक को एक नई दिशा दी। उनके साहित्य में नारी-पात्रों का चित्रण इतना जीवंत, जटिल और यथार्थपरक है कि वे हिंदी साहित्य के इतिहास में एक विशेष स्थान रखते हैं। राकेश की नारियाँ परंपरागत साहित्य की सहनशील, मूक और त्यागमयी नारी की रूढ़ि को तोड़ती हैं। वे अपने अस्तित्व के प्रति सजग हैं, अपने दुःख को समझती हैं, और व्यवस्था से टकराने का साहस रखती हैं। प्रस्तुत शोध आलेख में मोहन राकेश के नाटकों, कहानियों और उपन्यासों में नारीवादी चेतना के विभिन्न आयामों का विश्लेषण किया गया है।
Keywords मूल शब्द : मोहन राकेश, नारीवाद, नई कहानी, हिंदी नाटक, नारी-अस्मिता, पितृसत्ता, आधुनिक चेतना
Subject Area Hindi
Issue JSECR,V.12, N.27 October-December 2026
Published 2026/10/29
DOI https://doi.org/10.68868/14Js15aK37
How to Cite मिश्र, ड. ग. क. (2026). मोहन राकेश के साहित्य में नारीवाद. Journal of Socio-Educational & Cultural Research, 12(27).
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